ताजा समाचार

भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और भाजपा के बीच हाई वोल्टेज चुनावी मुकाबला

Satyakhabarindia

पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट इस समय पूरे राज्य की सियासी दिशा का आईना बनी हुई है। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर देशभर की नजरें टिकी हैं क्योंकि यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प होता जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी राजनीतिक टक्कर ने माहौल को गर्म कर दिया है। मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी तापमान भी तेजी से बढ़ता जा रहा है और हर राजनीतिक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

बहुभाषी प्रचार और समुदायों को साधने की रणनीति

भवानीपुर में सियासी माहौल बेहद अनोखा नजर आता है, जहां कालीघाट से जग्गू बाजार तक हर गली में राजनीति का रंग बदला हुआ दिखाई देता है। मां काली की आस्था से जुड़े इस क्षेत्र में चुनावी प्रचार बहुभाषी हो चुका है। कहीं ममता बनर्जी के गुजराती भाषा में पोस्टर लगाए गए हैं तो कुछ दूरी पर ओड़िया भाषा में जय जगन्नाथ के बैनर दिखाई देते हैं। पार्टियां हर समुदाय और हर वर्ग के वोटरों तक पहुंच बनाने के लिए अलग-अलग रणनीति अपना रही हैं और घर-घर जाकर समर्थन जुटाने में लगी हैं।

मामन खान के खिलाफ हरियाणा सरकार कर रही राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई

भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और भाजपा के बीच हाई वोल्टेज चुनावी मुकाबला

हर गली और हर वोट पर सियासी नजर

स्थानीय लोगों के अनुसार भवानीपुर में मुकाबला केवल उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि हर गली और हर वोट तक पहुंच चुका है। यहां एक तरफ तृणमूल कांग्रेस का प्रभाव है तो दूसरी तरफ भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। टैक्सी चालक अजीत और स्थानीय निवासी धनंजय बताते हैं कि इस क्षेत्र में गुजराती, ओड़िया, बिहारी और मारवाड़ी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं, जिससे चुनावी रणनीति और भी जटिल हो जाती है। अब स्थिति ऐसी बन गई है कि हर वोट निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

केजरीवाल की पार्टी पर BJP का बड़ा हमला, आतिशी ने साजिश का लगाया आरोप
केजरीवाल की पार्टी पर BJP का बड़ा हमला, आतिशी ने साजिश का लगाया आरोप

ममता बनाम भाजपा, भावनात्मक और राजनीतिक टक्कर

इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ‘उन्नयन’ और ‘भवानीपुर की बेटी’ जैसे भावनात्मक मुद्दों के साथ मैदान में है, जबकि भाजपा ‘भय से मुक्ति और भरोसा’ का नारा दे रही है। ममता बनर्जी का आवास भी कालीघाट क्षेत्र में ही स्थित है, जिसे तृणमूल स्थानीय जुड़ाव के रूप में पेश कर रही है। वहीं भाजपा शुभेंदु अधिकारी को बाहरी चेहरा बताने की कोशिश कर रही है। 2021 के उपचुनाव में ममता बनर्जी ने भारी अंतर से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार मुकाबला और भी रोचक और कड़ा माना जा रहा है।

केजरीवाल और सिसोदिया ने जज पर उठाए सवाल, दिल्ली राजनीति में बड़ा मोड़
केजरीवाल और सिसोदिया ने जज पर उठाए सवाल, दिल्ली राजनीति में बड़ा मोड़

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button